पांच दिन में 1.22 करोड़ की ड्रग्स जब्त, तस्करों की 16 करोड़ की संपत्ति फ्रीज
डीजीपी कैलाश मकवाणा के निर्देश पर पूरे प्रदेश में जीरो टॉलरेंस की नीति

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में नशे के सौदागरों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान में बीते पांच दिनों के भीतर बड़ी सफलताएं अर्जित की गई हैं। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के सख्त निर्देशों के बाद 1 अप्रैल से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक 1 करोड़ 22 लाख रुपये से अधिक के मादक पदार्थ जब्त किए जा चुके हैं। पुलिस न केवल तस्करों को सलाखों के पीछे भेज रही है, बल्कि उनके वित्तीय साम्राज्य को भी नेस्तनाबूद करने की कार्रवाई कर रही है।जानकारी के अनुसार प्रदेश में नशे के कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय कार्रवाई रतलाम जिले में देखी गई। यहां कालूखेड़ा क्षेत्र में अवैध ड्रग्स फैक्ट्री चलाने वाले आरोपियों के खिलाफ सफेमा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने तस्करों द्वारा अवैध कमाई से अर्जित की गई लगभग 16 करोड़ 16 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति को फ्रीज करने के आदेश जारी किए हैं। इस कदम से नशे के अंतरराज्यीय नेटवर्क के आर्थिक तंत्र पर गहरी चोट पहुंची है।इसी प्रकार नीमच जिले में पुलिस ने तीन अलग-अलग कार्रवाइयों में 62 लाख रुपये मूल्य की एमडी, अफीम और डोडाचूरा जब्त कर चार अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। वहीं, आगर मालवा की कोतवाली पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक कार से 25 लाख रुपये से अधिक की एमडी ड्रग्स बरामद की है। इधर बैतूल पुलिस ने गांजा तस्करी के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है जो उड़ीसा से सब्जी परिवहन के बहाने गांजे की खेप लाकर जिले में खपाता था। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
अन्य जिलों में पुलिस की बड़ी स्ट्राइक
शिवपुरी जिले की करैरा और अमोला पुलिस ने करीब 13.40 लाख रुपये की स्मैक बरामद की। उज्जैन जिले में एमडीएमए ड्रग्स बनाने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश कर 8.50 लाख की संपत्ति जब्त की गई। साथ ही बडऩगर में 1 लाख की एमडी ड्रग्स पकड़ी गई। इंदौर की क्राइम ब्रांच ने एक महिला सहित 4 तस्करों को पकड़ा, जिनके पास से एमडी ड्रग्स और कार जब्त की गई। खरगोन की सनावद पुलिस ने तीन तस्करों से 1.30 लाख की ब्राउन शुगर जब्त की। मंदसौर, नर्मदापुरम और छिंदवाड़ा जिलों में भी गांजा, अफीम और अवैध इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर कई आरोपियों को जेल भेजा गया है। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। सभी जिलों के प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि केवल जब्ती तक सीमित न रहकर तस्करों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिकेज यानी उनके पूरे नेटवर्क और वित्तीय स्रोतों की गहराई से जांच कर उन्हें पूरी तरह खत्म किया जाए।



