प्लॉट पर कब्जे को लेकर दो गुटों के बीच हुआ खूनी संघर्ष
लाठी-डंडे और तलवार से हुए हमले में एक दर्जन लोग घायल

भोपाल। राजधानी के खजूरी सड़क थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम फंदा खुर्द में प्लॉट पर कब्जे के विवाद ने हिंसक मोड़ ले लिया।यहां दो गुटों के बीच हुए आमने-सामने के संघर्ष में लाठी-डंडों के साथ-साथ तलवारों का भी इस्तेमाल किया गया। इस मारपीट और बलवे में दोनों पक्षों के करीब एक दर्जन लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों की शिकायतों पर काउंटर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार पहले पक्ष के धनराज मेवाड़ा ने पुलिस को बताया कि विवाद तब शुरू हुआ जब उनका भाई अनिल मेवाड़ा फंदा चौराहे से घर लौट रहा था। रास्ते में घाटी के पास पहले से ही घात लगाकर बैठे हनुमत चौहान, रामभरोसे, चांदसिंह, राजेश, कमलेश, नरेश, ओमप्रकाश और अभिषेक ने अनिल को घेर लिया। आरोप है कि कमलेश ने तलवार से और अन्य लोगों ने डंडों से अनिल पर जानलेवा हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए परिवार के अन्य सदस्यों को भी बुरी तरह पीटा गया। हमलावर प्लॉट से कब्जा नहीं हटाने पर जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। पुलिस ने इस मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ बलवा और हत्या के प्रयास की धाराओं में केस दर्ज किया है। इधर, दूसरे पक्ष से राजू चौहान ने भी पुलिस में जवाबी शिकायत दर्ज कराई है। राजू के अनुसार, जब उनके भाई हनुमत और चांदसिंह घाटी के पास अपनी कार खड़ी कर उतर रहे थे, तभी वहां पहले से मौजूद जसवंत मेवाड़ा, अनिल, कांता प्रसाद, लीलाकिशन, धर्मेंद्र, धनराज, दीपक, कपिल और नीतेश मेवाड़ा ने उन पर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। इस हमले में उनके पक्ष के लोग भी घायल हुए हैं।
तनाव के बाद गांव में पुलिस बल तैनात
एक ही गांव के दो गुटों में हुए इस खूनी संघर्ष के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई है। सूचना मिलते ही खजूरी सड़क पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जमीनी विवाद काफी समय से चल रहा था। फिलहाल दोनों पक्षों के मुख्य आरोपियों की तलाश की जा रही है और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की निगरानी रखी जा रही है।



