पुलिस की त्वरित सहायता से बची एक ही परिवार के चार सदस्यों की जान
पिकअप-बाइक की भिड़ंत में परिवार को समय पर पहुंचाया अस्पताल

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस की आपातकालीन सेवा डायल-112 एक बार फिर संकट के समय देवदूत बनकर सामने आई है।उज्जैन जिले के पंवासा थाना क्षेत्र में हुए एक भीषण सड़क हादसे में जवानों ने अपनी तत्परता और मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए एक ही परिवार के चार सदस्यों की जान बचाई। समय पर अस्पताल पहुंचाने के कारण घायलों को तत्काल उपचार मिल सका, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।जानकारी के अनुसार पंवासा क्षेत्र के माधोपुर चौराहे के पास एक तेज रफ्तार पिकअप और मोटरसाइकिल के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पर सवार दंपति और उनके दो मासूम बच्चे सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना तत्काल भोपाल स्थित राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कंट्रोल रूम ने क्षेत्र में तैनात एफआरवी वाहन को तुरंत मौके के लिए रवाना किया। सूचना मिलते ही एफआरवी स्टाफ के आरक्षक रहीम और पायलट लोकेश कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर पहुंच गए। वहां उन्होंने देखा कि घायल परिवार सड़क पर तड़प रहा था और उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी। एम्बुलेंस का इंतजार करने में समय बर्बाद करने के बजाय, दोनों जवानों ने साहस दिखाते हुए सभी चारों घायलों को अपने सरकारी वाहन में सुरक्षित बैठाया और बिना समय गंवाए नजदीकी अस्पताल के लिए रवाना हो गए।
पुलिस की संवेदनशीलता की हो रही प्रशंसा
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने घायलों का प्राथमिक उपचार शुरू किया। चिकित्सकों का कहना है कि सड़क हादसों में शुरुआती गोल्डन ऑवर बेहद महत्वपूर्ण होता है और जवानों की इस त्वरित कार्रवाई ने घायलों की स्थिति को बिगडऩे से रोक लिया। इस सराहनीय कार्य ने एक बार फिर जनता के बीच पुलिस की छवि को और अधिक विश्वसनीय और मददगार बनाया है।



